जनरल रिजर्वेशन टिकट में कल से ई-आधार वेरिफिकेशन जरूरी, पहले 15 मिनट सिर्फ आधार OTP से बुक होंगे टिकट

IRCTC नया नियम 2025: Railway ने जनरल रिजर्वेशन टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव किया है। अब पहले 15 मिनट तक टिकट सिर्फ आधार OTP वेरिफिकेशन से ही बुक होंगे। जानें नया नियम और इसके फायदे।

रेलवे ने यात्रियों को बेहतर सुविधा देने और टिकटों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब जनरल रिजर्वेशन टिकट की बुकिंग के लिए ई-आधार वेरिफिकेशन (e-Aadhaar Verification) अनिवार्य कर दिया गया है। यह नया नियम कल से पूरे देश में लागू होगा।


पहले 15 मिनट में सिर्फ आधार OTP से ही टिकट बुकिंग

नई व्यवस्था के अनुसार, अब जनरल टिकट बुकिंग शुरू होने के बाद पहले 15 मिनट तक केवल वही यात्री टिकट बुक कर सकेंगे जिनके पास आधार से लिंक मोबाइल नंबर होगा। यात्री को बुकिंग के समय आधार नंबर डालना होगा और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए OTP से वेरिफिकेशन करना होगा। OTP डालने के बाद ही टिकट बुकिंग पूरी होगी। इससे एजेंट या कालाबाजारी करने वालों की एक साथ बड़ी संख्या में टिकट बुक करने की कोशिश पर रोक लगेगी।


यात्रियों को क्या करना होगा?

यात्रियों को टिकट बुकिंग के लिए पहले से यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक है। अगर मोबाइल नंबर लिंक नहीं है तो OTP नहीं आएगा और बुकिंग पूरी नहीं हो सकेगी। इसके अलावा टिकट बुक करने से पहले मोबाइल फोन अपने पास रखना जरूरी होगा ताकि तुरंत वेरिफिकेशन हो सके।


रेलवे को क्यों उठाना पड़ा यह कदम?

पिछले कुछ समय से रेलवे को शिकायतें मिल रही थीं कि जनरल रिजर्वेशन टिकट शुरू होते ही एजेंट बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते हैं और बाद में यात्रियों से ज्यादा पैसे लेकर बेचते हैं। इससे असली यात्रियों को समय पर टिकट नहीं मिल पाता। यही वजह है कि रेलवे ने ई-आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य करने का फैसला किया है। यह बदलाव टिकटिंग सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगा

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यात्रियों को क्या फायदे मिलेंगे?

इस नए नियम से यात्रियों को कई फायदे होंगे। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ब्लैक मार्केटिंग कम होगी और असली यात्रियों को आसानी से टिकट मिलेगा। चूंकि हर टिकट आधार से लिंक होगा, इसलिए किसी भी यात्री की पहचान पक्की रहेगी और फर्जी आईडी से टिकट बुक नहीं हो पाएंगे। इसके अलावा एक आधार नंबर से एक समय में केवल सीमित टिकट ही बुक किए जा सकेंगे, जिससे सामान्य यात्रियों को प्राथमिकता मिलेगी।


किन पर लागू होगा नया नियम?

यह नियम सिर्फ जनरल रिजर्वेशन टिकट पर लागू होगा। स्लीपर, एसी, तत्काल और अन्य कोटे पर फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी अगर कोई यात्री अन्य श्रेणी में टिकट बुक करता है तो उसे पहले जैसा ही प्रोसेस फॉलो करना होगा। लेकिन रेलवे का मानना है कि आने वाले समय में यह सिस्टम अन्य कैटेगरी में भी लागू किया जा सकता है।


नतीजा

रेलवे का यह कदम आम यात्रियों के लिए राहत भरा साबित होगा। ई-आधार वेरिफिकेशन से टिकट बुकिंग सिस्टम और ज्यादा पारदर्शी बनेगा तथा कालाबाजारी पर लगाम लगेगी। अब असली यात्री को टिकट आसानी से मिलेगा और रेलवे पर यात्रियों का भरोसा और मजबूत होगा।

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