RBI Bank Ban 25000 Withdrawal Limit: RBI ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर वित्तीय अनियमितताओं के चलते प्रतिबंध लगाए हैं। अब ग्राहकों को 25,000 रुपये तक की निकासी की अनुमति दी गई है। जानिए पूरा मामला और ग्राहकों के लिए जरूरी जानकारी।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर वित्तीय अनियमितताओं के चलते कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
पहले ग्राहकों को अपने खातों से पैसा निकालने की अनुमति नहीं थी, लेकिन अब RBI ने प्रति जमाकर्ता 25,000 रुपये तक की निकासी की छूट दी है।
न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर RBI की कार्रवाई क्यों?
RBI ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक पर 122 करोड़ रुपये के घोटाले के कारण प्रतिबंध लगाए थे।
बैंक के तत्कालीन जनरल मैनेजर हितेश मेहता पर रिज़र्व फंड के गबन का आरोप है।
इस घोटाले के सामने आने के बाद, 13 फरवरी 2025 को RBI ने बैंक की वित्तीय गतिविधियों पर रोक लगा दी थी।
RBI ने बैंक का निदेशक मंडल भंग कर दिया और प्रशासक नियुक्त किया गया।
RBI द्वारा लगाए गए प्रतिबंध:
- बैंक नए ऋण नहीं दे सकता।
- कोई भी नया जमा स्वीकार नहीं कर सकता।
- ग्राहकों को पैसे निकालने पर रोक लगा दी गई थी।
- बैंक का निदेशक मंडल भंग कर दिया गया और प्रशासक नियुक्त किया गया।
ग्राहकों को मिली राहत: अब निकाल सकेंगे 25,000 रुपये
RBI ने 27 फरवरी 2025 से बैंक के ग्राहकों को 25,000 रुपये तक की निकासी की अनुमति दी है।
इस फैसले से बैंक के 50% से अधिक जमाकर्ता अपनी पूरी जमा राशि निकाल सकेंगे।
ग्राहक अपनी निकासी बैंक शाखाओं और एटीएम के माध्यम से कर सकते हैं।
हालांकि, अभी बैंक पर अन्य प्रतिबंध जारी रहेंगे।
क्या बैंक के सभी प्रतिबंध हटा दिए गए हैं?
नहीं! अभी भी बैंक पर कई प्रतिबंध लागू हैं।
RBI लगातार बैंक की वित्तीय स्थिति की समीक्षा कर रहा है।
यदि स्थिति में सुधार होता है, तो और राहत दी जा सकती है।
लेकिन फिलहाल, बैंक को सभी नियमों का पालन करना होगा।
ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
- ग्राहक बैंक की वित्तीय स्थिति और RBI के अपडेट पर नजर रखें।
- किसी भी नए निवेश से पहले बैंक की स्थिरता का आकलन करें।
- जरूरत पड़ने पर RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अधिक जानकारी प्राप्त करें।
- अपने जमा पैसे को लेकर कोई भी बड़ा निर्णय सोच-समझकर लें।
निष्कर्ष
न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले के चलते RBI ने कड़े प्रतिबंध लगाए थे।
हालांकि, अब ग्राहकों को 25,000 रुपये तक की निकासी की अनुमति मिल गई है।
बैंक की आर्थिक स्थिति में सुधार के बाद ही और राहत मिलने की संभावना है।
ग्राहकों को सतर्क रहना चाहिए और अपने फंड से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लेने चाहिए।